आर्य समाज विधि से विवाह करने हेतु हिंदी में जानकारी

MARRIAGE PROCEDURE आर्य समाज विधि से विवाह कराने कि प्रक्रिया आर्य समाज मंदिर में आर्य समाज विधि से विवाह कराने कि प्रक्रिया बहुत ही सरल है। आर्य समाज मंदिर में विवाह करने के लिए सबसे पहले हरवीर शास्त्री जी से फोन ( 08585988301 /09891065166 ) पर आर्य समाज विधि से विवाह कराने कि प्रक्रिया के बारे में जान ले। आप किसी भी दिन फोन से या आर्य समाज मंदिर में आकर अपने विवाह के दिन कि तारीख बुक करा सकते है। आर्य समाज मंदिर में आप किसी भी दिन आकर शादी कर सकते है क्योंकि हमारे आर्य समाज मंदिर में किसी भी प्रकार की छुट्टी नही होती है । अगर आप शादी करने से पहले आर्य समाज मंदिर को देखना चाहते है तो आप आकर मंदिर को देख सकते है और इसके साथ ही साथ आप अपने कागजात से सम्बन्धी सभी औपचारिकताएँ( formalities ) भी पूरी कर सकते है ।

आर्य समाज मंदिर में विवाह करने के लिए आपके पास कुछ कागजात होने चाहियें जैसे
(1) आयु प्रमाण पत्र
(2) निवास प्रमाण पत्र।

कागजात से सम्बन्धी सभी औपचारिकताएँ( formalities ) पूर्ण करने के लिए आप आयु प्रमाण पत्र (age proof) जेसे दसवी क्लास का प्रमाण पत्र ,निवास प्रमाण पत्र (Residence proof),लड़के और लड़की के चार चार फोटो अपने साथ लेकर आ सकते है। आप अपने कागजात लेकर हमारे आर्य समाज मंदिर हरित विहार दिल्ली में विवाह करने के लिए किसी भी दिन आ सकते है, हमारे आर्य समाज मंदिर में सप्ताह के सातो दिन विवाह ,हवन पूजा कराये जाते हैं। आर्य समाज विधि से विवाह कराने कि प्रक्रिया में मुख्य रूप से कागजात एवं लड़के व लड़की कि उम्र ओर उनके पते पर विशेष ध्यान दिया जाता हैं , आर्य समाज मंदिर में विवाह करने के लिए लड़के की उम्र 21 वर्ष से अधिक तथा लड़की कि उम्र 18 वर्ष से अधिक होनी चाहिए ,तथा इन दोनों के पास अपना आयु प्रमाण पत्र एवं निवास प्रमाण पत्र भी होना चाहिए।

आप की तरफ से ये सभी औपचारिकताएँ( formalities ) पूर्ण होने के बाद आर्य समाज मंदिर के पंडित जी दृारा आपका विवाह संस्कार आर्य समाज और हिंदु -रीतिरिवाजों से वैदिक मंत्रो द्वारा सम्पन्न करा दिया जायेगा । विवाह संस्कार पूर्ण होने के तुरंत बाद आर्य समाज मंदिर की तरफ से क़ानूनी विवाह प्रमाण पत्र ( Legal Marriage Certificate ) भी दिया जाता है जो पूरे भारत में मान्य / वैध ( Legal ) होता है । हमारे आर्य समाज मंदिर की तरफ से दिये गये वैध ( Legal ) विवाह प्रमाण पत्र के आधार पर आप चाहे तो Marriage Registrar Office से अपने विवाह को पंजीकृत भी करा सकते हैं । इस प्रकार आर्य समाज मंदिर की तरफ से आर्य समाज मंदिर में विवाह कराने की प्रक्रिया पूर्ण हो जाती है ।

विवाह प्रमाण पत्र

जब भारत में आधुनिक युग शुरू हुआ तो हमारे सामाजिक क्षेत्र में जटिलताये भी उत्पन्न हो गयी ,विशेषकर वैवाहिक सम्बन्ध में। कोई एक नागरिक अपने जात या धर्म से बाहर विवाह नहीं कर सकता था। वह आपने माता-पिता कि आज्ञा के बिना विवाह नहीं कर सकता था ,और यदि वो ऐसा करता था तो उसको अपनी पैत्रिक सम्पति से वंचित कर दिया जाता था। यदि कोई अपनी जात या धर्म से बाहर विवाह कर भी लेता था तो उसको अनेक बाधाओं का सामना करना पड़ता था। समाज से इस प्रकार कि बाधाओं को दूर करने के लिए ही 1937 में आर्य विवाह अधिनियम ( Marriage Act) पारित किया गया ओर बाद में इसका हिन्दू विवाह अधिनियम ( Hindu marriage Act ) 1955 में विलय कर दिया गया। आर्य समाज मंदिर में आर्य समाज विधि एवं वेदिक मंत्रो के साथ विवाह संपन्न किये जाते हैं।

विवाह संपन्न होने के तुरंत बाद हमारा आर्य समाज मंदिर एक विवाह प्रमाण पत्र भी देता है, जो पूरे भारत में वैध ( Legal ) होता है। आर्य समाज मंदिर की तरफ से यह प्रमाण पत्र इसलिये दिया जाता है कि लड़के व लड़की शादी कर चुके हैं और वे अब क़ानूनी रूप से पति-पत्नी हैं।लगभग सभी आर्य समाज मंदिर जो केवल विवाह कराते है वे सभी विवाह संपन्न कराने के तुरंत बाद विवाह प्रमाण पत्र भी देते हैं। विवाह प्रमाण पत्र के जीवन में अनेक लाभ है जैसे - विवाह के पंजीकरण में,विवाह का प्रमाण,लोन ,दंपत्ति वीजा बनवाने के लिए तथा किराये पर मकान लेने के लिए इसकी आवश्यकता होती है। .